महात्मा गांधी जी की 157वीं जयंती के अवसर पर जिले में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक मद्य निषेध सप्ताह मनाया जाएगा। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सप्ताहभर विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
मद्य निषेध सप्ताह का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती मद्यपान एवं नशीले पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति से होने वाली गंभीर बीमारियों तथा इसके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन में जागरूकता एवं चेतना का निर्माण करना है।
खास बातें
- पांचवें दिन महिला स्व-सहायता समूहों एवं शौर्य दलों द्वारा स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- महिलाओं को परिवार एवं समाज पर नशे के कारण होने वाले आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी।
- मद्य निषेध सप्ताह के अंतिम दिन 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कलेक्टर श्री जांगिड़ ने बताया कि मद्य निषेध सप्ताह के दौरान नशामुक्ति के लिए विभागीय मान्यता प्राप्त अशासकीय संस्थाओं, सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्कूल एवं महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा “नशा न करेंगे, न करने देंगे” की शपथ दिलाई जाएगी। साथ ही नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
2 अक्टूबर को नशामुक्ति रैली एवं जागरूकता कार्यक्रम
मद्य निषेध सप्ताह के प्रथम दिन 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर नशामुक्ति के प्रति जन-जागरूकता के लिए रैलियां निकाली जाएंगी तथा नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता के लिए नशामुक्ति विषयक पोस्टर, छायाचित्र एवं चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रमों में शामिल नागरिकों को नशामुक्ति के लिए ऑनलाइन शपथ भी दिलाई जाएगी।
3 अक्टूबर को शैक्षणिक प्रतियोगिताएं एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
दूसरे दिन स्थानीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर विभिन्न प्रतियोगिताएं, संवाद एवं संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं आवासीय नशामुक्ति केंद्रों में नशे से प्रभावित व्यक्तियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में एचआईवी/एड्स, टीबी एवं हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की जांच की जाएगी। जांच में संक्रमित पाए गए व्यक्तियों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
4 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में नशामुक्त गांव का संकल्प
तीसरे दिन ग्राम सभाओं में गांवों को नशामुक्त बनाने के संबंध में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति से संबंधित साहित्य, पोस्टर, पम्पलेट एवं अन्य प्रचार सामग्री का वितरण किया जाएगा। ग्राम सभाओं में उपस्थित ग्रामीणों को नशामुक्ति की ऑनलाइन शपथ भी दिलाई जाएगी तथा पारित प्रस्तावों के पालन के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
5 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता
चौथे दिन ग्राम एवं नगरीय स्तर पर स्थानीय व्हाट्सएप समूह बनाए जाएंगे। इन समूहों के माध्यम से नशामुक्ति से संबंधित संदेश, जागरूकता सामग्री एवं लघु फिल्में नागरिकों तक पहुंचाई जाएंगी। सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं एवं विद्यार्थियों को अभियान से जोड़कर नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
6 अक्टूबर को महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी
पांचवें दिन महिला स्व-सहायता समूहों एवं शौर्य दलों द्वारा स्थानीय स्तर पर नशामुक्ति संदेश के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। महिलाओं को परिवार एवं समाज पर नशे के कारण होने वाले आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी। महिला समूह समुदाय के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
7 अक्टूबर को स्कूल एवं महाविद्यालयों में ऑनलाइन शपथ
छठवें दिन ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान के लिए तैयार किए गए स्थानीय मास्टर वॉलंटियर एवं ‘नशामुक्ति मित्र’ स्कूलों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को ऑनलाइन नशामुक्ति की शपथ दिलाएंगे। युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं परिचितों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया जाएगा।
8 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर समापन समारोह
मद्य निषेध सप्ताह के अंतिम दिन 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में नशामुक्ति विषय पर नाटक, नृत्य, संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

