राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों के हृदय रोगों की जांच एवं उपचार के लिए बुधवार को सिविल अस्पताल बैहर में एक दिवसीय हृदय रोग शिविर का आयोजन किया गया।
कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दहिया के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच की गई। सीएमएचओ डॉ. शत्रुघ्न दहिया ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आरबीएसके टीम द्वारा बिरसा, बैहर एवं परसवाड़ा क्षेत्र में जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
इसी क्रम में बैहर में हृदय रोग संबंधी विशेष जांच एवं उपचार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 42 बच्चों का पंजीयन कर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें 12 बच्चों को हृदय संबंधी सर्जरी के लिए चयनित किया गया, जबकि एक बच्चे को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। चार बच्चों का फॉलोअप किया गया।
शेष बच्चों में अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पाई गईं, जिनके उपचार के लिए आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन दिया गया। डॉ. दहिया ने बताया कि सर्जरी के लिए चयनित बच्चों के प्रकरण तैयार कर लिए गए हैं। आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चों को शीघ्र ही जबलपुर भेजकर सर्जरी कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत इन बच्चों की सर्जरी, उपचार एवं आवश्यक दवाइयों का खर्च मध्यप्रदेश शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को हृदय रोग का नि:शुल्क उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं
शिविर में जबलपुर से आए पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. के.एल. उमा महेश्वर सहित डॉ. अनंत लिल्हारे, राजाराम चक्रवर्ती, जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र की अर्चना वासनिक, बीपीएम, डॉ. भारती ठाकरे, डॉ. यशवंती धुर्वे, डॉ. नूतन टेंभरे, डॉ. प्रियंका बाला ठाकुर, डॉ. बीना वरकड़े, डॉ. शिव पटले, सीमा दीक्षित, दुर्गा ठाकुर, कांता पटले, यामिनी ठाकरे, कमलेश राम स्वरूप सहित आरबीएसके के एएनएम तथा बैहर स्वास्थ्य टीम के सदस्यों ने बच्चों की जांच, परीक्षण एवं उपचार में सहयोग प्रदान किया। शिविर के माध्यम से बच्चों में हृदय संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।



