मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत लटेरी तहसील के विभिन्न ग्रामों में विशेष शिविरों का आयोजन कर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम सुनखेर में आयोजित विशेष शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समाधान सुनिश्चित किया। साथ ही शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं के क्रियान्वयन की धरातलीय स्थिति का भी जायजा लिया गया।

शिविर के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। नन्हे बच्चों की आयु के अनुरूप ऊंचाई एवं वजन की जांच, पोषण की स्थिति तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाली अन्य सेवाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की नियमित निगरानी एवं उनके समुचित पोषण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

ग्राम सुनखेर की आंगनबाड़ी केंद्र में एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं के साथ-साथ परिवार की जागरूकता और सहभागिता की मिसाल पेश की।

ग्राम निवासी देवी सिंह बघेल अपनी नन्ही पोती को लेकर हर रोज आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचते हैं। पोती की नियमित उपस्थिति और आंगनबाड़ी की सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए दादा स्वयं जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

देवी सिंह बघेल ने सहज भाव से बताया कि आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए जो काम आंगनबाड़ी बहनजी हर सप्ताह करती हैं, उससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जानकारी मिलती रहती है। पोती को नियमित रूप से आंगनबाड़ी लाने से उसकी देखभाल और विकास पर भी नजर बनी रहती है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि दादा हर रोज अपनी पोती को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं। उनकी यह जागरूकता और लगन दूसरे अभिभावकों के लिए भी प्रेरणादायी है।

जनभागीदारी से मजबूत हो रही आंगनबाड़ी सेवाएं -

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर केवल समस्याओं के निराकरण का माध्यम नहीं बन रहे हैं, बल्कि इनके माध्यम से शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी भी मौके पर समीक्षा की जा रही है।

आनंदपुर की आंगनबाड़ी केंद्र में दादा द्वारा पोती को प्रतिदिन लाना यह दर्शाता है कि जब परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और प्रशासन मिलकर बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए प्रयास करते हैं, तो योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखाई देता है।

नन्ही पोती के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए दादा का यह छोटा-सा प्रयास जनभागीदारी की बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है।