प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालाघाट में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस एवं नशामुक्त अभियान के तहत ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा क्षेत्रीय निदेशालय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़, भोपाल के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 250 छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे के निर्देशन और राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. डुलेश्वरी टेम्भरे के नेतृत्व में कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ। प्रथम सत्र में सुबह 9 से 11:30 बजे तक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों की आंख, कान, दांत, हीमोग्लोबिन सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांच की गई।
खास बातें
- कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.एस. कातुलकर ने की।
- वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
- कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ नशामुक्त समाज और स्वस्थ युवा पीढ़ी के निर्माण का संदेश दिया गया।
शिविर में महाविद्यालय के साथ विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी सहभागिता की। द्वितीय सत्र में ‘पोषण, उत्तम स्वास्थ्य तथा स्वास्थ्य पर नशे के दुष्प्रभाव’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें नगर पालिका बालाघाट की अध्यक्ष एवं प्रथम नागरिक श्रीमती भारती सुरजीत सिंह ठाकुर, विषय विशेषज्ञ एवं जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन तथा योग आयोग के अध्यक्ष श्री तपेश असाटी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.एस. कातुलकर ने की। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। कार्यक्रम की सफलता में स्वास्थ्य विभाग की टीम, रोशनी टेम्भरे, ताराचंद बड़गैया, सुखचंद एड़े सहित महाविद्यालय के सहयोगियों और मीडिया प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ नशामुक्त समाज और स्वस्थ युवा पीढ़ी के निर्माण का संदेश दिया गया।


