मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत लखनादौन विकासखंड के ग्राम मढ़ी में जनविश्वास शिविर आयोजित किया गया। शिविर में प्रशासन ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों को पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ प्राप्त शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। शिविर में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों की सहभागिता रही।
शिविर की शुरुआत उद्यम संवाद से हुई। संवाद में क्षेत्र के उद्यमियों, आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। हितग्राहियों ने बताया कि शासन की योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता एवं सहयोग का उपयोग कर उन्होंने अपनी क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप आर्थिक गतिविधियां शुरू कीं तथा स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया।
खास बातें
- संवाद में क्षेत्र के उद्यमियों, आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं।
- उद्यमी श्री पृथ्वी सिंह ने अपने उद्यम से जुड़े अनुभव साझा किए।
- वहीं आजीविका मिशन की श्रीमती नीतू यादव, श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव एवं श्रीमती रजनी उइके ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही आर्थिक गतिविधियों की जानकारी साझा की।
उद्यमी श्री पृथ्वी सिंह ने अपने उद्यम से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने व्यवसाय की शुरुआत से लेकर वर्तमान में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं आजीविका मिशन की श्रीमती नीतू यादव, श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव एवं श्रीमती रजनी उइके ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से की जा रही आर्थिक गतिविधियों की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि समूहों से जुड़कर महिलाएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आय अर्जित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। पशुपालन विभाग की आचार्य विद्यासागर योजना के हितग्राही श्री बेनसिंह पटेल ने भैंस पालन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने पशुपालन को आय के साधन के रूप में विकसित करने तथा योजना के माध्यम से मिले सहयोग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
इसी क्रम में पीएमएफएमई योजना के हितग्राही श्री सुनील परते ने मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट के संचालन की जानकारी दी। उन्होंने दूध प्रसंस्करण के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधि विकसित करने और मूल्यवर्धित उत्पादों के जरिए आय अर्जित करने के अनुभव साझा किए।
उद्यम संवाद में हितग्राहियों के अनुभवों ने ग्रामीणों एवं युवाओं को स्वरोजगार की संभावनाओं से परिचित कराया। संवाद के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता एवं आवश्यक सहयोग प्राप्त कर युवा अपने कौशल और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इससे स्वयं के लिए आय का साधन तैयार करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
आवेदकों की बात सुनी, मौके पर ही अधिकारियों से ली प्रकरणों की जानकारी
जनविश्वास शिविर में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ संवाद करते हुए प्रत्येक आवेदक की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना। ग्रामीणों ने राशन, पेंशन, नामांतरण, आवास, विद्युत, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान कार्ड, किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न विषयों से संबंधित समस्याएं एवं आवेदन कलेक्टर के समक्ष रखे। कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए पात्र मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से संवाद के दौरान केवल प्राप्त शिकायतों की जानकारी ही नहीं ली, बल्कि गांव में संचालित शासकीय सेवाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी लिया। उन्होंने राशन दुकान के खुलने एवं नियमित संचालन, स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियों, आंगनवाड़ी केंद्र के संचालन तथा अन्य शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली के संबंध में ग्रामीणों से सीधे जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए जहां आवश्यक हो, वहां सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित हो तथा ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा अपने-अपने विभाग की योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने तथा अपनी पात्रता के अनुसार उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत मढ़ी में आयोजित शिविर ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराया। एक ओर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं एवं आवश्यकताएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, वहीं दूसरी ओर उद्यम संवाद के माध्यम से योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़े हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा कर ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।


