केवलारी निवासी अशोक ठाकरे के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आर्थिक संबल बनकर सामने आई है। योजना के तहत चरणबद्ध रूप से ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपनी स्टेशनरी दुकान में निवेश किया, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और व्यवसाय को नई गति मिली। आज वे नियमित रूप से ऋण की किस्तों का भुगतान करते हुए आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
अशोक ठाकरे वार्ड क्रमांक 14, केवलारी में अपने पिता श्री लक्ष्मण ठाकरे के साथ रहते हैं। परिवार में तीन सदस्य हैं। वे स्टेशनरी की दुकान का संचालन करते हैं। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने केवलारी नगर परिषद पहुंचकर योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की और 10 हजार रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया। उन्हें आसानी से ऋण प्राप्त हुआ, जिसका उन्होंने समय पर पूरा भुगतान किया।
पहले ऋण की सभी किस्तें नियमित रूप से जमा करने के बाद अशोक ने 20 हजार रुपये के दूसरे ऋण के लिए आवेदन किया। इस ऋण का भी सफलतापूर्वक भुगतान करने के पश्चात उन्होंने योजना के तीसरे चरण में 50 हजार रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया। उन्हें यह ऋण भी प्राप्त हुआ, जिसकी किस्तें वे प्रतिमाह नियमित रूप से जमा कर रहे हैं।
अशोक ने ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग अपनी स्टेशनरी दुकान में निवेश के लिए किया। इससे दुकान में आवश्यक सामग्री बढ़ाने और व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिली। परिणामस्वरूप उनकी आय में वृद्धि हुई और उनका कारोबार पहले की तुलना में बेहतर ढंग से चलने लगा।
अशोक ठाकरे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। वे बताते हैं कि योजना के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता ने उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका


