‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत बुधवार को हुई जिला स्तरीय कार्यशाला, अब उन्नत खेती एवं प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेंगे किसान
सिवनी। जिले के जीआई प्राप्त सीताफल को बाजार से जोड़ने, उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने तथा सीताफल उत्पादक कृषकों को अधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के विशेष प्रयासों से सीताफल के उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन तक की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर पहल की जा रही है।
खास बातें
- कार्यशाला के बाद आज सीताफल उत्पादक कृषकों, उद्यमियों एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का 15 सदस्यीय दल प्रशिक्षण-सह-भ्रमण के लिए महाराष्ट्र रवाना हुआ।
- कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने हरी झंडी दिखाकर दल के वाहन को रवाना किया।
- दल में सीताफल उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों को शामिल किया गया है, ताकि वे सीताफल की खेती से लेकर प्रसंस्करण एवं बाजार तक की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।
इसी क्रम में 23 सितम्बर को जिला स्तरीय सीताफल कार्यशाला आयोजित कर कृषकों को विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन दिलाने के साथ ही सीताफल उत्पादन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में कार्य कर रहे अग्रणी कृषकों से रूबरू कराया गया। कार्यशाला के बाद आज सीताफल उत्पादक कृषकों, उद्यमियों एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का 15 सदस्यीय दल प्रशिक्षण-सह-भ्रमण के लिए महाराष्ट्र रवाना हुआ।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने हरी झंडी दिखाकर दल के वाहन को रवाना किया। जिला उद्यानिकी अधिकारी डॉ. आशा उपवंशी वासेवार के नेतृत्व में रवाना हुआ दल महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में सीताफल की उन्नत खेती, प्रसंस्करण एवं विपणन से जुड़ी गतिविधियों का अध्ययन करेगा। दल में सीताफल उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों को शामिल किया गया है, ताकि वे सीताफल की खेती से लेकर प्रसंस्करण एवं बाजार तक की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकें।
प्रशिक्षण-सह-भ्रमण कार्यक्रम के प्रथम दिवस दल द्वारा महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC), नागपुर स्थित दिनशॉ आइसक्रीम फैक्ट्री का भ्रमण किया जाएगा। यहां दिनशॉ कंपनी के प्रबंधकों के साथ बैठक कर सीताफल पल्प के क्रय-विक्रय एवं व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सीताफल के प्रसंस्कृत उत्पादों के लिए बाजार की संभावनाओं एवं उद्योगों की आवश्यकताओं को समझा जाएगा।
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस दल द्वारा महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित विभिन्न सीताफल उत्पादक कृषकों के प्रक्षेत्रों तथा सीताफल प्रसंस्करण इकाई का भ्रमण किया जाएगा। यहां कृषक उन्नत खेती की तकनीकों, उत्पादन प्रबंधन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन से जुड़ी गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे तथा सीताफल उत्पादन के क्षेत्र में कार्य कर रहे अग्रणी कृषकों के अनुभवों से भी परिचित होंगे।
दल को रवाना करते हुए कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कृषकों से कहा कि भ्रमण के दौरान सीताफल की उन्नत तकनीकों एवं प्रसंस्करण इकाइयों की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझें और प्राप्त जानकारी को जिले के अन्य कृषकों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि सिवनी के जीआई प्राप्त सीताफल को उत्पादन तक सीमित न रखते हुए प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार से जोड़ना ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण एवं भ्रमण से प्राप्त अनुभव के आधार पर जिले में सीताफल के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन के लिए कार्ययोजना तैयार कर आगे की गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इस पहल से जिले में सीताफल आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही कृषकों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।


